सफरनामा

21 दिसंबर, 2008

इस चाभी से खुलेगा क्या यह जंग लगा ताला


ये भारत रहे जी जो पिछले पांच साल में घटी आतंकवादी घटनाओं से दहल गए हैं। अब वे एक नए घर में शिफ्ट कर रहे हैं जिसका नाम रा.इच्छाशक्ति रखने की सोच रहे हैं। उनके हाथ में ताजा किताब है जिसमें वह नया कानून लिखा है जो उन्होंने आतंकवाद को ठिकाने लगाने के लिए हाल में ही बनाया है।
(इलस्ट्रेशन किसका है यह राइट क्लिक करके जाना जा सकता है।)

7 टिप्‍पणियां:

  1. सब तो आपने कह दिया मैं क्या कहूँ, जी बेहतर है!

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  2. अगले हमले की प्रतीक्षा में ?

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  3. Bole hain, bahut der bad...bharatji naye sal me naye ghar me abad rahein..!

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